दलसिंहसराय

विद्यापतिनगर में पत्नी की बरामदगी नहीं होने पर युवक ने परिवार संग आत्महत्या की दी धमकी, कहा- थानाध्यक्ष ने खर्च के नाम पर लिए रुपए

एक वर्ष पूर्व अपहृत हुई पत्नी की बरामदगी नहीं होने से नाराज युवक ने परिवार संग आत्महत्या कर लेने की धमकी दी है। मामला विद्यापतिनगर थाने का है। युवक ने डीजीपी समेत वरीय पुलिस अधिकारी को लिखेपत्र में कहा है कि बरामदगी के दौरान खर्चा हाेने के नाम पर थानाध्यक्ष ने 25 हजार व अनुसंधानकर्ता ने 10 हजार रुपए ले लिए बावजूद उनकी पत्नी की बरामदगी अबतक नहीं हुई। 13 अक्टूबर तक उसकी पत्नी नहीं मिली तो 14 अक्टूबर को वह परिवार के साथ आत्महत्या कर लेगा। आरोप प्रत्यारोप व मानवीय संवेदना को झकझोरने वाली इस पत्र से पुलिस महंकमे में खलबनी बच गई है। डीजीपी ने इस मामले में एसपी को कार्रवाई करने का आदेश दिया है। उधर, एसपी ने दलसिंहसराय डीएसपी को पूरे मामले को देखने व अपहृता की बरामदगी का आदेश दिया है।

क्या है पूरा मामला
विद्यापतिनगर के हरपुर बोचहा गांव के मुकेश कुमार सिंह ने थाने में आवेदन देते हुए आरोप लगाया था कि गत वर्ष 14 अक्टूबर को उनकी पत्नी बॉबी देवी का गलत नीयत से अपहरण कर लिया गया। घटना को लेकर थाने में विकास उर्फ हर्ष, अवधेष सिंह उर्फ किशोरी, संजीव सिंह, राजीव सिंह समेत छह लोगों को नामजद किया गया। आरोप है कि उनकी पत्नी की बरामदगी को लेकर इधर उधर वाहन से आने-जाने में खर्च के नाम पर थानाध्यक्ष ने 25 हजार व अनुसंधानकर्ता ने 10 हजार रुपए ले लिया। बावूजद अबतक उनकी पत्नी नहीं मिली। जबकि अब तो घटना के एक वर्ष बीतने वाला है।

डीएसपी ने कहा-मामले की जांच करने बोचहा जाएंगे, पीड़ित काे हरहाल में मिलेगा इंसाफ

युवती की बरामदगी के लिए रुपए की मांग का आरोप गलत है। पुलिस युवती की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। शनिवार रात भी आरोपितों के यहां छापेमारी की गई है। लेकिन युवती नहीं मिली। -अरविंद कुमार, प्रभारी थानाध्यक्ष

थानाध्यक्ष ने सभी आरोप से किया इनकार

गत सप्ताह ही पदभार ग्रहण किया हूं। मामला उनके संज्ञान में आया है। वह खुद मामले की जांच के लिए सोमवार को हरपुर बोचहा जाएंगे। युवती की अबतक क्यों बरामदगी नहीं हुई है। थानाध्यक्ष व अनुसंधानक ने रुपए लिए अथवा नहीं सभी मामलों की जांच करेंगे। हालांकि उन्होंने फोन पर थानाध्यक्ष से बात की थी थानाध्यक्ष ने आरोप से इनकार किया था। युवती की बरामदगी का प्रयास होगा। पीड़ित को आत्महत्या नहीं करने के लिए समझाया जाएगा। कानून अपना काम करेगी।

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