समस्तीपुर विधानसभा चुनाव 2020

विधानसभा चुनाव में समस्तीपुर में क्या रहेगी निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका? राजद को मिलेगा फायदा या भाजपा के कटेंगे वोट?

समस्तीपुर: बिहार में चुनाव की सरगर्मी तेज हो चुकी है । सभी पार्टियां कार्यकर्ताओं में जोश भर रही हैं ताकी जादा से जादा जनता से संपर्क साधा जा सके । समस्तीपुर में एक ओर राजद विधायक का 10 साल का कार्यकाल है तो दूसरी ओर अभी जदयू भाजपा में पेंच फंसा है की कौन इस सीट से लड़ेगा । हालांकि ये फैसला NDA की अंतिम बैठक के बाद पता चलेगा ।

इसी बीच समस्तीपुर से निर्दलीय उम्मीदवारों नें भी अपनी दावेदारी पेश कर दी है । जिसमें प्रमुखता से दो नाम सामने आ रहा है, जिसमें एक हैं हिंदूवादी अविनाश कुमार बादल सिंह और दूसरा नाम है टिंकू यादव जो पहले भी समस्तीपुर विधानसभा से चुनाव लड़ चुके हैं ।

बादल सिंह युवाओं के बीच हैं काफी लोकप्रिय

शहर के पंजाबी कॉलोनी में रहने वाले अविनाश कुमार बादल सिंह समस्तीपुर के युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय माने जाते हैं । विगत वर्षों में एक हिंदूवादी नेता के रूप में बादल सिंह नें समस्तीपुर में अपनी पहचान बनायी है । हिंदुपुत्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष की बाग डोर भी बादल सिंह कई वर्षों से संभालते आये हैं । समस्तीपुर के शहरी छेत्र और पूषा रोड और कुछ धार्मिक गावों में बादल सिंह की लोकप्रियता को अनदेखा नहीं किया जा सकता, हालांकि जितवारपुर और कुछ यादव बहुसंख्यक इलाके में इन्की लोकप्रियता कम है लेकिन चुनाव में हिंदूवादी छवि का फायदा ईन्हे मिल सकता है । इस बार बादल सिंह की भूमिका इस चुनाव में एहम मानी जा रही है कियुंकि स्थानीय विधायक के खिलाफ विभिन्न आंदोलनों में बादल सिंह नें बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था और राजद विधायक से इस बार बड़ी मात्रा में जनता नाखुश है जो की या तो भाजपा नहीं तो बादल सिंह के पक्ष में वोट करेगी । अगर पूरा विश्लेषण देखें तो बादल सिंह के चुनाव लड़ने से भाजपा को वोटों का नुकसान होना तय है जिसका सीधा फायदा राजद लेगी ।

टिंकू यादव पहले भी लड़ चुके हैं चुनाव

समस्तीपुर के बड़ी संख्या में यादव वोट टिंकू यादव को जाता है । माना जाता है की टिंकू यादव निरंतर मोहनपुर और उसके आसपास की छेत्र के जनता के लिए कार्य करते रहते हैं जिससे वहां की जनता में वो काफी लोकप्रिय हैं । टिंकू यादव के चुनाव में आने से बड़ी संख्या में जो यादव वोट हैं वो बट जाएंगी और इसका नुकसान सीधा राजद विधायक को होगा और इससे कुछ फायदा भाजपा उठा सकती है ।

कुल मिलाकर मानें तो इस बार समस्तीपुर विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार एहम भूमिका निभाएंगे ।

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