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क्या है विशाखापट्टनम गैस लीक मामलाः प्रधानमंत्री आवास पर बैठक, गृहमंत्री अमित शाह पहुंचे

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित एलजी पॉलिमर्स इंडस्ट्री से गुरुवार अहले सुबह केमिकल गैस का रिसाव होने से अफरातफरी का माहौल बन गया. खतरनाक जहरीली गैस के चपेट में आने से एक बच्चे सहित तीन की मौत हो गयी. हजार से अधिक बीमार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं इलाके के पांच गांवों को नौसेना ने खाली करा दिया है. पीएम मोदी ने इस घटना का संज्ञान लिया. उन्होंने ट्वीट किया- मैं सभी की सुरक्षा की कामना करता हूं. गृह मंत्रालय और आपदा प्रबंधन के अधिकारियों से बात हुई है. वो लगातार नजर बनाए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशाखापत्तनम के एक रासायनिक संयंत्र से बृहस्पतिवार को गैस लीक होने के बाद पैदा हुए हालात के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की एक बैठक बुलाई है. अमित शाह सहति कई आपदा प्रबंधन के कई विशेषज्ञ इस बैठक में शिरकत कर रहे हैं. पीएम मोदी ने आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री से बात की है.

पुलिस अधिकारी आरके मीणा ने एएनआई से कहा कि गैस के असर को खत्म कर दिया गया है. एनडीआरएफ की टीम मौके पर है. गैस का असर एक से डेढ़ किमी के एरिया तक हैं लेकिन इसका गंध दो से ढाई किमी तक फैला. उन्होंने बताया कि गैस की चपटे में आने के बाद 100 से 120 लोगों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. एक बच्चे सहित तीन लोगों की इस हादसे में मौत हो चुकी है. घटना के कारणों की जांच होगी. एफआईआर दर्ज कर ली गयी है

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, आरआर वेंकटपुरम गांव में स्थित विशाखा एलजी पॉलिमर कंपनी में यह हादसा हुआ है. गैस रिसाव का असर तीन किमी तक के एरिया में देखा जा रहा है. लोगों को आंखों में जलन और घबराहट महसूस हो रही है. इसके बाद तीन किमी एरिया को खाली करवाया गया है. गैस लीकेज के असली कारण का अभी पता नहीं चल पाया है. सैकड़ों लोग सिर दर्द, उल्टी और सांस लेने में तकलीफ के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं.

सरकारी अस्पताल में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है. इसमें अधिकतर बुजुर्ग और बच्चे हैं. बताया जा रहा है कि सरकारी अस्पताल में 150-170 लोग भर्ती कराए गए हैं. इसके अलावा कई लोगों को अन्य अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है. घटनास्थल पर राहत कार्य जारी है और बाकी लोगों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है.

पीड़ितों को अस्पताल ले जाने के लिए 50 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं. पीड़ितों की तलाश के लिए डोर टू डोर सर्च जारी है. अब तक किंग जॉर्ज अस्पताल में 15 लोगों को भर्ती कराया गया है. मुख्यमंत्री वाईएस जगमोहन रेड्डी ने जिला अधिकारी को प्रभावित क्षेत्र में पर्याप्त क़दम उठाने का आदेश दिया है.ज़िलाधिकारी ने बताया है कि यह दुर्घटना तब हुई जब लॉकडाउन के बाद फिर से प्लांट में काम शुरू किया गया. सुबह तीन बजे से गैस का रिसाव शुरू हुआ था. शुरू में किसी को कुछ पता नहीं चला लेकिन धीरे-धीरे गैस का असर तेज होना शुरू हुआ.

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