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Vikas Dubey Encounter: विकास दुबे के इनकाउंटर की इनसाइड स्टोरी

मध्य प्रदेश में उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाहर पकड़ा गया दुर्दांत विकास दुबे शुक्रवार को कानपुर में उत्तर प्रदेश एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में ढेर हो गया। कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव में सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपित विकास दुबे की कानपुर में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ हो गई। विकास दुबे को दो गोलियां लगीं, एक सीने पर तो दूसरी कमर में लगी। 

कानपुर के एसएसपी दिनेश पी ने विकास दुबे के मुठभेड़ में मारे जाने की पुष्टि की है। एसएसपी दिनेश कुमार पी के मुताबिक गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे पुलिस वालों के हथियार लेकर भाग रहा था। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में दुर्दांत अपराधी विकास दुबे मुठभेड़ में मारा गया।

पांच लाख के इनामी विकास दुबे ने गाडिय़ां पलटने के बाद एसटीएफ की गिरफ्त से भागने का प्रयास किया। विकास दुबे ने एसटीएफ की टीम पर हमला कर दिया। इसके बाद एसटीएफ की फायरिंग में गंभीर रूप से घायल विकास ने दम तोड़ दिया। विकास को लेकर उज्जैन से कानपुर पुलिस लाइन आ रही एसटीएफ के काफिला का गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अन्य को रोक दिया गया। उस गाड़ी में विकास भी था। इसके बाद विकास ने भागने का प्रयास किया। उसने दुर्घटना में घायल पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर फायरिंग की।

आसपास के लोगों ने गोलियों के तड़तड़ाहट की आवाज सुनी। पुलिस के अनुसार विकास ने पिस्टल छीनकर गोली चलाई थी। जिसके बाद उसके ऊपर फायर किया गया। पांच गोली लगने से गंभीर रूप से घायल विकास ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। उसको बेहद गंभीर स्थिति में हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां डॉक्टरों ने विकास दुबे को मृत घोषित किया।

पुलिस का दावा है कि एक एसटीएफ कर्मी की जांघ में गोली लगी है। जब कानपुर में गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई, उस समय विकास दुबे ने हथियार छीनकर भाग निकलने की कोशिश की। इसके बाद घटनास्थल पर विकास दुबे और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल विकास दुबे को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उन्हेंं मृत घोषित कर दिया। कार हादसे में गाड़ी में मौजूद एसटीएफ के दो कर्मचारी भी घायल हुए हैं। घायलों को हैलेट अस्पताल पहुंचाया गया है।

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