समस्तीपुर Town

समस्तीपुर : मूसलाधार बारिश से पानी-पानी हुआ शहर, सड़कें झील में तब्दील

समस्तीपुर । एक तरह जहां लोग कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर परेशान हैं। वहीं लगातार हो रही बारिश ने लोगों की परेशानी दोगुनी कर दी है। सोमवार को पूरे दिन हुई मूसलाधार बारिश से शहर से लेकर गांव तक लोगों को जलजमाव की परेशानियों का सामना करना पड़ा। पूरा जनजीवन अस्त व्यस्त है। हर ओर कीचड़ और जलजमाव है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में परहेज कर रहे हैं। बारिश और उफनाते नालों से सबसे ज्यादा परेशानी निचले इलाकों के लोगों को हो रही है। कई घर व दुकानों के अंदर बारिश का पानी प्रवेश कर गया है। गौरतलब है कि रविवार की रात से आरंभ हुई मूसलाधार बारिश दिनभर होती रही। इसके कारण शहर का हर मोहल्ला ताल-तलैया में तब्दील हो गया। सड़कों पर दो से तीन फीट बारिश के पानी का जमाव हो चुका है। मुख्य मार्ग से लेकर गली-मोहल्ले बारिश के पानी से जलमग्न हैं। वाहन सवार और राहगीरों को चलने में फजीहत हो रही है। दूसरी ओर लगातार हो रही बारिश के कारण शहर में साफ-सफाई की व्यवस्था चरमरा गई है। सभापति तारकेश्वर नाथ गुप्ता ने बताया कि जलजमाव से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही लोगों को इसका लाभ मिलेगा। मगरदही व चीनी मिल चौक पर दो एचपी का पंप लगाया गया है। इससे उत्तरी छोर के एक दर्जन मोहल्ले से जलजमाव की समस्या को समाप्त किया जा सकता है।

शहर के आधा दर्जन मुहल्ले जलजमाव से प्रभावित, कई घरों में घुसा बारिश का पानी

शहर के रेलवे कॉलोनी, बारहपत्थर, काशीपुर, सोनवर्षा चौक, प्रोफेसर कॉलोनी, कचहरी रोड, नीम गली, चीनी मिल चौक, पुरानी वीमेंस कॉलेज रोड, मोहनपुर रोड समेत आधा दर्जन मुहल्लों में घुटने भर पानी जमा है। इसके कारण लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हो रही है। जलनिकासी का रास्ता अवरुद्ध होने से नालों का पानी ओरवफ्लो कर सड़कों पर उतर आया। इसके कारण कई घर व दुकानों में भी बारिश का पानी प्रवेश कर गया। जलजमाव से निपटने के लिए लोग वैकल्पिक व्यवस्था अपना रहे हैं। बारहपत्थर वार्ड 15 निवासी नागेश्वर प्रसाद और रामचंद्र प्रसाद समेत आधा दर्जन लोगों के घरों में पानी प्रवेश कर चुका है। जलजमाव का दंश झेल रहे लोगों ने बताया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से अक्सर बारिश के कारण जलजमाव की स्थिति बन जाती है। शहर के जलनिकासी के लिए मास्टर प्लान बनाने की जरुरत है। वहीं दूसरी ओर मोहनपुर रोड स्थित समस्तीपुर मुसरीघरारी मुख्य मार्ग में तीन फीट से अधिक जलजमाव है। वाहन चालकों को फजीहत हो रही है। सबसे अधिक परेशानी बाइक चालक और पैदल चलने वाले राहगीरों को हो रही है।

बारिश के पानी में डूबा अग्निशमन कार्यालय, हर साल होती है फजीहत

जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अग्निशमन विभाग कार्यालय में घुटने पर पानी भर गया। वहां रखे सामान को कर्मियों ने जैसे तैसे बचाया। कार्यालय में कोई ऐसी जगह नहीं बची जहां कर्मी बैठकर काम कर सकें। चारों तरफ पानी ही पानी। गाड़ियां कीचड़ में फंसी है। कोई कॉल आ जाए तो उनका निकलना मुश्किल। जिला अग्निशमन पदाधिकारी का कार्यालय हो या कर्मियों का बैरक, सभी जलमग्न हैं। खाना बनाने की जगह हो या रहने के लिए कमरा, सब एक जैसे। जिला अग्निमशन पदाधिकारी सुरेन्द्र प्रसाद का कहना है कि यहां की समस्या से कई बार अवगत कराया गया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। दो दिनों से इतनी बारिश हो रही है कि पूरा कार्यालय जलमग्न है। बारिश होने से छत से पानी टपक रहा है। ऐसे में उपर और नीचे दोनों जान से खतरा। बता दें कि पिछले कई वर्षों से अग्निमशन कार्यालय भवन की स्थिति जर्जर हो चुकी है। एक दर्जन से अधिक कर्मी यहां कार्यरत हैं। वहीं दूसरी ओर बीएमपी 16 कार्यालय व गृहरक्षा वाहिनी कार्यालय की स्थिति जर्जर है। जलजमाव की समस्या से लोग जूझ रहे हैं।

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