धर्म

समस्तीपुर में सूर्य की लालिमा के साथ खुले प्रभु के द्वार ,श्रद्धालुओं ने शारीरिक दूरी बनाकर किया जलाभिषेक


समस्तीपुर । सूर्य की प्रात: किरणों से पहले मंदिरों के कपाट खुल गए। घंटा की आवाज दिशाओं में गूंज रही थी। चंदन और केसर की चहल-पहल, धूप गंध से मंदिर परिसर परिपूर्ण था। फूलों के श्रृंगार और नैवेद्यपात्र, आरती सजाए लोग खड़े थे। देव प्रतिमाएं फूल की लड़ी व मालाओं से लदी थीं। वेदमंत्रों के उच्चारण से माहौल गुंजायमान हो रहा था। कोरोना संक्रमण के बीच लॉकडाउन के करीब ढाई माह बाद सोमवार को श्रद्धालुओं के लिए मंदिर व धर्मस्थलों के कपाट खुल गए। लोगों ने फूल-फल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। काफी समय बाद लोगों को यह अवसर मिला। मन प्रफुल्लित और प्रसन्नचित दिख रहा था। शहर के थानेश्वर स्थान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने शारीरिक दूरी बनाकर शिवलिग पर जलाभिषेक किया। कोरोना संक्रमण को दूर करने की मिन्नतें की। कोरोना संक्रमण को लेकर लोग एहतियात बरतते नजर आए। भक्तों ने कतारबद्ध होकर दर्शन किया। शिवलिग को छूने पर पाबंदी रही। इनसेट पार्ट टू

रेस्टोरेंट व होटलों में लजीज व्यजंनों का चखा स्वाद

अनलॉक वन में रियायत मिलने के बाद आतिथ्य सेवाएं शुरू हो गई है। रेस्टोरेंट व होटलों में फिर रौनक देखने को मिल रही। लेकिन, इस बार माहौल कुछ अलग है। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर पहले से अधिक सर्तकता बरती जा रही है। ग्राहकों को फिजिकल डिस्टेंस बनाकर बैठने की व्यवस्था की गई है। सैनिटाइजर व हैंडवाश रखा गया है। ताकि, संक्रमण का खतरा कम हो सके। पहले दिन रेस्टोरेंट खुलते ही लोगों ने लजीज व्यंजनों का स्वाद चखा। हालांकि, ग्राहकों की संख्या कम दिखी। शहर के करीब तीन दर्जन से अधिक रेस्टोरेंट और होटल खाने-पीने की सेवा देने लगे हैं। इधर, लॉकडाउन के बीच लगभग ढाई माह से बंद पड़े शॉपिग मॉल को भी खोल दिया गया है। पहले दिन खरीदारी के लिए दुकानों में भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने मनमुताबिक जरूरतों का सामान लिया और संतुष्ट दिखे। ग्राहकों के लिए प्रवेश द्वार पर ही सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है। देर शाम तक लोगों ने जमकर खरीदारी की।

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