समस्तीपुर Town

Samastipur/ घरों में मास्क बनाने का काम ले रहा लघु उद्योग का रूप

संक्रमण काल में सेनिटाइजर और मास्क ने बाजार में अच्छी खासी जगह बना ली है। किराना दुकान से लेकर कपडा दुकान तक सभी जगह मास्क टंगे मिल जायेंगे। संक्रमण से बचाव को लेकर तो जिले में सब्जी दुकान व फलों की दुकान पर भी मास्क टांग कर बेचा जा रहा है। लॉकडाउन में रोजगार संकट के बीच मास्क निर्माण कारोबार कुटीर उद्योग का रुप ले लिया है।

बाजार की जरुरत को समझते हुए लोग घर में ही मास्कर बनाकर बेचने का कारोबार कर रहे है। इसके पीछे घरेलू महिलाओं का अहम योगदान है। 20 से 25 रुपये पर मास्क उपलब्घ होने के कारण आम आमदियों के पहुंच में यह हैञ शहर से शुरु हुआ यह कारोबार धीरे-धीरे गांव में अपनी अच्छी पकड बना ली है। बैग बनाने वाले लोग भी मास्क तैयार कर रहे है। बैग के अंदर लगने वाली जाली का प्रयोग मास्क में किया जा रहा है। यही नहीं डिस्पोजल झोला बनाने वाले मषीन से भी डिस्पोजल मास्क का निर्माण हो रहा है।

दो रुपये की बचत पर दिया जा रहा मास्क

लॉकडाउन में शुरू हुआ यह उद्योग अब धीरे-धीरे तेजी पकड रहा है। धु्रवगामा पंचायत के मलिकौर में सरिता समुह की गायत्री देवी बतातीं है कि घर में पहले से ही मशीन रखा हुआ था। समुह की महिलाएं इसे बनाने को लेकर पहल शुरू की। 18 रुपये की लागत पर बाजार में 20 रुपये में इसे सप्लाई किया जाता है। मुखिया राजीव कुमार की देखरेख में हर रोज इस काम में लगे 15 महिलाएं एक हजार से डेढ हजार मास्क का निर्माण करती है।

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