समस्तीपुर Town

टिड्डी दल के नियंत्रण के लिए समस्तीपुर प्रशासन हाई अलर्ट

समस्तीपुर। बिहार में टिड्डी दलों के प्रकोप की संभावित स्थिति को देखते हुए जिला सहित पूरे क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कृषि निदेशक के द्वारा जारी निर्देश के आधार पर कार्य शुरू कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी समेत प्रखंडों के कृषि अधिकारी को एडवाइजरी एवं नियंत्रण के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पटोरी प्रखंड में भी इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है तथा प्रखंड स्तरीय टिड्डी नियंत्रण हेतु कार्य समिति का गठन भी कर लिया गया है। गठित कार्यसमिति में बीएओ युगल किशोर मेहता के अतिरिक्त प्रखंड विकास पदाधिकारी नवकंज कुमार, प्रमुख प्रियंका सुमन, थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार, मुख्यालय के मुखिया मोहन ठाकुर, उद्यान पदाधिकारी के अतिरिक्त कई पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। विभिन्न पंचायतों में भी कार्य समिति गठित करने का निर्देश जारी कर दिया गया है। कृषि निदेशक के द्वारा जारी निर्देश में सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी तथा कृषि से जुड़े अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि टिड्डी दल से नियंत्रण हेतु तैयारी युद्ध स्तर पर पूरी कर ली जाए। इसकी पूर्व तैयारी के लिए कई बिदुओं पर कार्य करने का आदेश भी दिया गया है। जारी निर्देश में कहा गया है कि कृषि विश्वविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केंद्र आदि से सहयोग लिया जाए। साथ ही नियंत्रण के लिए प्रखंड व पंचायत स्तर पर समितियों का गठन भी किया जाए। यह भी कहा गया है कि यदि किसी क्षेत्र में प्रकोप हो तो इसकी सूचना कृषि विभाग को अविलंब दी जाए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कही गई है कि यदि टिड्डी दलों का एकाएक प्रकोप शुरू हो तो गांव के लोग और किसान एकसाथ इकट्ठा होकर ढोल, नगाड़े, टीन,डब्बे, थाली आदि बजाते हुए शोर मचाएं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कृषि रक्षा रसायनों, स्प्रेयर, ट्रेक्टर, अग्निशामक गाड़ी आदि की व्यवस्था पहले से ही करके रखी जाए। जागरूकता व मॉक ड्रिल के माध्यम से किसानों को भी प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया गया है। कहा गया है कि टिड्डी दल रात्रि में किसी पड़े पर सुबह तक के लिए ठहरते हैं और सूर्योदय से पूर्व ही फसलों पर आक्रमण करते हैं। इसलिए उनके रात में टिकने के स्थान को चिह्नित कर लिया जाए और आवश्यकता पड़ने पर दवा का छिड़काव रात्रि 11 से सूर्योदय के बीच ही की जाए। अधिकारियों को कहा गया है कि कृषि रसायनों की उपलब्धता की पूरी जानकारी ली जाए और बाजार में क्लोरोपायरी फॉस 50 प्रतिशत ईसी, क्लोरोपायरी फॉस 20 प्रतिशत ईसी, फिप्रोनिल 5 प्रतिशत ईसी, डेल्टामेंथ्रीन लेम्बडासाय हेलोथ्रीन आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में पूछे जाने पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी युगल किशोर मेहता ने बताया कि कमेटी गठित करने के पश्चात अग्निशामक दस्तों को इसके लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। साथ ही पंचायत स्तर पर भी कमेटियां बनाई जा रही हैं।

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