रोसड़ा

समस्तीपुर : व्यवसायी रामलखन चौधरी हत्याकांड में लाइनर समेत 2 मुख्या अपराधी को पुलिस ने दबोचा

समस्तीपुर: स्थानीय हसनपुर बाजार के पान मसाला व्यवसायी रामलखन चौधरी हत्याकांड में लाइनर की भूमिका निभाने वाले दो शातिर बदमाशों की गिरफ्तारी होने के साथ ही पुलिस द्वारा हत्याकांड का उद्भेदन कर दिया गया है। थाना परिसर में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में रोसड़ा डीएसपी सहरियार अख्तर ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि तकनीकी अनुसंधान के आधार पर हसनपुर पुलिस द्वारा ब्लॉक गेट के निकट रह रहे विश्वकांत शर्मा के पुत्र पीयूष कुमार और मल्हीपुर ग्राम निवासी भूपेंद्र दास के पुत्र शिवशंकर कुमार को लूट की राशि क्रमश: 45 सौ एवं 35 सौ रुपये के साथ रविवार की रात गिरफ्तार कर लिया गया। इसकी गिरफ्तारी से व्यवसायी हत्याकांड का पूरी तरह उछ्वेदन हो गया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार दोनों अपराधी पुलिस के समक्ष दिए अपने स्वीकारोक्ति बयान में बताया है कि वे दोनों मरांची उजागर निवासी सत्यम कुमार और आतापुर गांव के गुड्डा सिंह नामक शातिर बदमाशों के कहने पर रामलखन से रुपये लूटपाट करने में लाइनर की भूमिका निभाई। जिस समय रामलखन के साथ सत्यम और गुड्डा सिंह लूटपाट कर रहा था, उस समय पीयूष एवं शिवशंकर उसी स्थल पर मौजूद था। लूटपाट के दौरान पान मसाला व्यवसायी द्वारा अपराधियों को पहचाने जाने के कारण गोली मारी गई। गिरफ्तार दोनों शातिर ने बताया कि घटना के समय गुड्डा सिंह बाइक चला रहा था और सत्यम हथियार से लैस होकर पीछे बैठा था। लूटपाट के क्रम में व्यवसायी द्वारा पहचान लेने के पश्चात सत्यम ने ही अपने हाथ में रखे पिस्टल से गोली चला दिया। जिसमें व्यवसायी की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। डीएसपी ने बताया कि सत्यम कुमार एक शातिर अपराधी है। करीब दो साल पूर्व रोसड़ा थाना में भी लूटपाट किया था।जिसमें वह जेल जा चुका है। इतना ही नहीं रामलखन हत्याकांड से करीब दो दिन पहले गढ़पुरा थाना क्षेत्र में किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने जा रहा सत्यम सहित सात-आठ अपराधियों को पुलिस ने घर दबोचा था। मगर जानकारी के अभाव में गढ़पुरा पुलिस पूछताछ के बाद रिहा कर दिया। उन्होंने 48 घंटे के अंदर रामलखन हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने वाले थानाध्यक्ष चन्द्रकान्त गौरी और अवर निरीक्षक अजित कुमार को पुरस्कृत की अनुसंशा करने की बात कही। साथ ही इस मामले में शामिल अन्य शातिर अपराधियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन भी दिया। दूसरी ओर मात्र 48 घंटे में व्यवसायी हत्याकांड का उद्भेदन हो जाने से जहां पुलिस ने राहत की सांस ली है। वहीं स्थानीय व्यवसायियों में भी इस बात का संतोष है कि अब जल्द ही अन्य अपराधी भी पुलिस के गिरफ्त में आ जाएंगे।

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