रोसड़ा

समस्तीपुर जिले के सिंघिया प्रखंड में कोरोना के साथ बाढ़-बारिश की मार भी झेल रहे लोग

समस्तीपुर । बाढ़ और बारिश की दोहरी मार से सिंघिया प्रखंड के लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त होने लगा है। कोरोना का कहर झेल रहे प्रशासन को भी अब बाढ़ और बारिश का सीतम भी झेलने को तैयार रहना पड़ रहा हैं। बताते चलें कि प्राय: हर साल सिघिया प्रखंड के लोगों को बाढ़ की त्रासदी झेलनी पड़ती है। प्राय: हर चुनाव में बाढ़ से निजात का सपना सत्ता एवं विपक्षी पार्टी के द्वारा दिया जाता हैं। पर चुनाव की चुनौती समाप्त होते ही मामले को ठंढे बस्ते में डाल दिया जाता है। जिसका परिणाम दर्जिया-फुहिया बांध है। यह कार्य आज तक लंबित पड़ा हुआ है। बाढ से बचाव को कुछ काम होता है कि फिर बाढ आ जाती है। राज्य सरकार के जल संसाधन मंत्री संजय झा गत वर्ष बाढ़ त्रासदी से रुबरू होते हुए हायाघाट से सिर्निया तथा दर्जिया- फुहिया तटबंध का कार्य भी कराने का संकल्प दोहराया था। लेकिन कार्य पूरा नही हो सका। और तो और करेह नदी के बाएं तटबंध की मरम्मत तक नहीं हो सकी है। कुल मिलाकर बाढ़ और बरसात का मार झेल रहे सिघिया वासियों के सिर पर बांध टूटने का भी खतरा मंडराने लगा है।

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