रोसड़ा

Samastipur: यहां नहीं है कोई पाबंदी, केवल नाम की घेराबंदी

समस्तीपुर । रोसड़ा में कोरोना महामारी से बचाव और सुरक्षा को लेकर कागजी घोड़ा जितना भी दौड़ रहा हो, लेकिन सच्चाई बिल्कुल अलग है। सरकार और वरीय पदाधिकारी का निर्देश लगातार डिजिटल माध्यम से स्थानीय पदाधिकारियों को प्राप्त हो रहा है, लेकिन बचाव और सुरक्षा की जमीनी हकीकत बद से बदतर होती जा रही है। हालात यह है कि कोरोना पॉजिटिव मरीज खुलेआम शहर के विभिन्न मोहल्लों में घूम-घूम कर संक्रमण बांट रहे हैं। वहीं उदासीनता का हद पार किए पूरा महकमा मूकदर्शक बनी है। पूर्व में संक्रमित मरीजों को कोविड सेंटर समस्तीपुर भेजा जाता था। बाद के दिनों में अनुमंडल मुख्यालय स्थित आइसोलेशन सेंटर में रखने का आदेश निर्गत हुआ। लेकिन अब होम आइसोलेशन के नाम पर अधिकांश मरीज घर में ही रहते हैं। अपनी दिनचर्या में बगैर कोई बदलाव लाए घूमते नजर आते हैं। हालांकि नगर पंचायत द्वारा इनके घरों को सील करने की खानापूर्ति अवश्य की जाती है। लेकिन वह भी महज एक दिखावा मात्र ही है। प्रत्येक मरीजों के घर के सामने एक बांस खड़ा कर कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया जाता है और कर्मियों के जाने के बाद पुन: पूर्व की स्थिति कायम हो जाती है। नगर के कई मोहल्लों में सामने आए कोरोना मरीजों के इस रवैये से मोहल्लावासी परेशान हैं। हालांकि आम लोगों की शिकायत पर शहर के करीब आधा दर्जन संक्रमित मरीजों को अनुमंडलीय अस्पताल परिसर स्थित आइसोलेशन सेंटर में भर्ती किया गया है। बावजूद अभी भी कई संक्रमित खुलेआम घूम रहे हैं। इसकी जानकारी पदाधिकारियों के कानों तक पहुंचने के बाद भी इस पर रोकथाम के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। संबंधित टोला मोहल्ला के लोग प्रशासन पर भी अनदेखी का आरोप लगाते हुए संक्रमण फैलाने में प्रशासनिक व्यवस्था को भी सहयोगी बता रहे हैं। वार्ड नंबर 8, वार्ड 6 एवं वार्ड 14 के कई लोगों ने पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दूरभाष पर संपर्क कर इसकी शिकायत दर्ज कराई। लेकिन सोमवार की शाम तक कोई असर नहीं दिखा। ऐसा लगता है कि वर्तमान महामारी काल में व्यवस्था ही चरमरा गई हो। बताते चलें कि मरीजों की बढ़ती संख्या पर सरकार द्वारा प्रत्येक प्रखंड मुख्यालय में आइसोलेशन सेंटर बनाने की बात कही गई थी। इसके मद्देनजर रोसड़ा के नंद चौक के निकट स्थित अतिथि होटल को आइसोलेशन सेंटर में परिणत भी किया गया। लेकिन आज तक इस सेंटर मे एक भी संक्रमित को भर्ती नहीं किया जा सका है। अनुमंडल अस्पताल स्थित आइसोलेशन सेंटर में ही अनुमंडल क्षेत्र के संक्रमित मरीजों को महज 5 से 7 दिनों तक अब रखने की व्यवस्था है। पॉजिटिव का प्रमाण मिलते संबंधित मरीजों से होम आइसोलेशन से संबंधित सहमति पत्र पर हस्ताक्षर के पश्चात घर जाने की छूट दे दी जाती है। आम लोगों का मानना है कि कम से कम संबंधित व्यवस्था से जुड़े पदाधिकारी और कर्मियों को नियमित रूप से इन पॉजिटिव मरीजों पर नजर रखनी चाहिए। जिससे कि संक्रमण का फैलाव रुक सके।

वर्जन :

संबंधित पदाधिकारियों को ऐसे संक्रमित मरीजों पर अंकुश लगाने तथा आइसोलेशन सेंटर पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।

अमन कुमार सुमन

अनुमंडलाधिकारी रोसड़ा

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