दलसिंहसराय

विधायक आलोक कुमार मेहता ने लोगों से धैर्य रखने की अपील की

समस्तीपुर। कोरोना काल मे हर तरफ विभिन्न समस्याओं से लोग जूझ रहे हैं। जबकि सरकार पूरी तरह सो रही है। सरकार अपने दायित्वों और सिद्धांतों से भटक गई है। कोरोना की वजह से उत्पन्न परिस्थिति में प्रवासी बिहारी मजदूरों को सुरक्षित बिहार लाने में सरकार नाकाम रही है। उन्हें सुरक्षित लाना, घर पहुंचाना एवं भूख से बचाने की बात होनी चाहिए। उक्त बातें रविवार को दलसिंहसराय के एक निजी विद्यालय में स्थानीय विधायक सह राजद के प्रधान महासचिव आलोक कुमार मेहता ने कही। उन्होंने कहा कि क्वारंटाइन केंद्रों पर जनप्रतिनिधि से लेकर पत्रकार तक नहीं जा सकते है। यह प्रजातंत्र के सिद्धांतों का उल्लंघन है। जबकि इसकी पारदर्शिता होनी चाहिए और दिखना चाहिए कि सरकार क्या कर रही है। वहीं सरकार अपने अधिकारियों से संवाद स्थापित करने में भी असफल रही है। सरकार द्वारा चिन्हित शहरों से आए प्रवासियों की जांच भी सही तरीके से नहीं हो रही है और क्वारंटाइन किए गए लोगों को दो से तीन दिन में ही छोड़ दिया जा रहा है। सरकार स्थिति नियंत्रण की बात कर सिर्फ अपनी पीठ थपथपा रही है जबकि संक्रमितों की संख्या रोज बढ़ रही है। क्वारंटाइन केंद्रों पर व्यवस्था से लेकर व्यवहार तक श्रमिकों के साथ सही नहीं है। उन्होंने दलसिंहसराय में रैंडम टेस्टिग की व्यवस्था को अचानक हटा दिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मांग की कि इसे तत्काल चालू किया जाए एवं यहां जांच केंद्र स्थापित कराया जाए ताकि आम लोग भी शंका होने पर अपनी जांच करा पाएं। इस दौरान राजद प्रखंड अध्यक्ष मो. जबीर हुसैन, राजद के प्रधान सचिव चंदन प्रसाद, सन्नी कुमार, रमेश कुमार सिंह, मीडिया प्रभारी राजदीपक आदि उपस्थति थे। इस दौरान मीडिया कर्मियों को विधायक ने कोरोना वारियर्स के रूप में सम्मानित किया। जिसमें उजियारपुर और दलसिंहसराय के पत्रकार शामिल हैं।

वहीं मोरवा के स्थानीय विधायक विद्यासागर सिंह निषाद ने कोरोना महामारी के दौरान लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की। रविवार को विधायक ने फेसबुक पर ऑनलाइन संबोधन करते हुए लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील की। साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा बताई गई सावधानियों का ईमानदारी पूर्वक करें। निश्चित रूप से हम सभी कोरोना पर विजय प्राप्त कर लेंगे।

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