समस्तीपुर Town

समस्तीपुर में छह ट्रेनों से आए प्रवासी, स्टेशन पर अफरातफरी

समस्तीपुर । देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे प्रवासियों को लेकर छह विशेष ट्रेनें सोमवार को समस्तीपुर पहुंचीं। इनमें से अधिकतर ट्रेनों से समस्तीपुर के प्रवासी यहां उतरे। वहीं, दादरी से समस्तीपुर आने वाली ट्रेन से सर्वाधिक 1400 यात्री समस्तीपुर में उतरे। कम-कम देर के अंतराल पर यहां ट्रेन रुकने और यात्रियों के उतरने से अफरातफरी की स्थिति पैदा हो गई। समस्तीपुर से दूसरे जिले के लिए जानेवाले प्रवासियों से संबधित ट्रेनों में चढ़ने को लेकर काफी देर तक भ्रम की स्थिति बनी रही। कभी वे प्लेटफार्म नंबर एक पर जाते तो कभी तीन पर। इसके अलावा दादरी से आनेवाली ट्रेन के यहां आते ही रही-सही कसर भी पूरी हो गई। प्रवासियों की संख्या के हिसाब से यहां बस की व्यवस्था नहीं थी। मजबूरन 1400 यात्रियों को बिना शारीरिक दूरी का ख्याल किए हुए निर्धारित बसों में ही बिठाया गया। समस्तीपुर के प्रवासियों को इस दौरान जहां चूड़ा-गुड़, बिस्कीट्, पानी दिया गया तो दूसरे जिले के प्रवासी इससे वंचित रहे। ट्रेनों के आगमन की शुरुआत 04008 से हुई जो दिल्ली से दरभंगा जानेवाली थी। करीब 2:45 बजे समस्तीपुर स्टेशन पर पहुंची। यहां समस्तीपुर के प्रवासी उतरे। फिर तीन बजे खुल गई। इसके बाद जलालपुर से सुपौल जाने वाली ट्रेन संख्या 05132 3:25 बजे पहुंची। यह ट्रेन 3:50 बजे खुली। चढ़ीगढ़ से बरौनी जानेवाली ट्रेन संख्या 04510 प्लेटफार्म नंबर एक पर करीब 3:45 बजे पहुंची। चार बजे यह ट्रेन बरौनी के लिए रवाना हो गई। 4:30 बजे 04028 गाजियाबाद से दरभंगा जानेवाली विशेष ट्रेन पहुंची। इससे भी समस्तीपुर के करीब पचास प्रवासी उतरे। 5:25 बजे यह ट्रेन दरभंगा के लिए रवाना हुई। इसके जाने के पूर्व ही जलालपुर से सुपौल जाने वाली ट्रेन संख्या 05128 स्टेशन पर आ गई। जो यहां से 5.30 बजे खुली। इसके बाद दादरी से समस्तीपुर आने वाली स्पेशल ट्रेन संख्या 04128 यहां पहुंची। इससे करीब 1400 प्रवासी उतरे। एक तो पहले से ही प्रवासियों की संख्या उपर से बस की कमी। इसके कारण सीमित बसों में ही प्रवासियों को बिठाया गया।

जलालपुर से दो ट्रेनें आईं

लॉकडाउन के कारण देश के अलग-अलग हिस्से से पैदल ही चले प्रवासियों को उत्तर प्रदेश व बिहार की सीमा पर गोपालगंज व सिवान में रोका गया था। जलालपुर स्टेशन से इन सभी को स्पेशल ट्रेन से यहां लाया जा रहा है। सोमवार को दो ट्रेनों का परिचालन किया गया। ये दोनों ट्रेनें सुपौल के लिए चली। सहरसा और कटिहार जानेवाले करीब 300 यात्री को इसमें बिठाया भी गया। वहीं, दूसरे जिले के सभी प्रवासी को बस द्वारा गंतव्य तक भेजा गया। सभी प्रवासियों के चेहरे पर अपने घर लौटने की खुशी साफ दिखाई दे रही थी। चौकसी के बीच मची रही अफरातफरी

पूरे स्टेशन परिसर की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई थी। आने-जाने वाले मार्ग को पूरी तरह बैरिकेड कर दिया गया था। दो ओर से प्रवासियों को बाहर निकालने की व्यवस्था की गई थी। सभी प्रवासी पहले से ही सूचीबद्ध थे। इस कारण गिनती के बाद सभी गंतव्य तक जाने के बस पर बैठे। लेकिन इतनी चौकसी के बीच भी सोमवार को पूरे परिसर में अफरातफरी मची रही। ट्रेनों के लगातार आगमन और प्रवासियों की भीड़ के सामने प्रशासनिक व्यवस्था ढीली नजर आई। कहीं ट्रेनों पर चढ़ने के लिए अफरातफरी थी तो कहीं पानी के लिए। कहीं शारीरिक दूरी साफ समाप्त नजर आई तो कहीं सुरक्षा व्यवस्था भी कम।

ट्रेनों से पहुंचे प्रवासी हुए खुश

परेशानी के बीच समस्तीपुर में स्पेशल ट्रेन से पहुंचे प्रवासियों ने बताया कि अब वो काफी खुश हैं। लॉकडाउन में उन्हें बहुत परेशानी हो रही थी, खाने-पीने के साथ-साथ रहने में भी काफी दिक्कतें हो रही थीं। ऐसे में सरकार ने देर से ही सही पर हमलोगों को अपने घर बुलाने में सराहनीय कार्य किया। हां, दिक्कत तो हुई लेकिन कोई बात नहीं। आधे पेट खाकर भी अपने घर पर ही रहेंगे

दादर से पहुंचे शंभू सहनी ने कहा, वहां पर बहुत परेशानी थी। दिन काटना भी मुश्किल था। खाने-पीने के भी लाले थे। अब यहां आकर मैं बहुत खुश हूं। मुझे चौदह दिन क्वारंटाइन में ही क्यों न रहना पड़े।

स्टेशनों पर था बसों का इंतजाम

सोमवार को कई ट्रेनों के आगमन की सूचना से जंक्शन परिसर पूरी तरह चौकस था। यात्रियों को सुगमतापूर्वक उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए कई बसों का इंतजाम किया गया था। हालांकि प्रवासियों की संख्या अधिक होने से बस की संख्या कम पड़ गई। किसी तरह सभी को उनके गंतव्य तक प्रशासन द्वारा भेजा गया।

डीएम व एसपी भी पहुंचे थे स्टेशन पर

दादरी से समस्तीपुर तक आने वाली विशेष ट्रेन के यात्रियों को कोई परेशानी न हो इसे देखने के लिए जिलाधिकारी व एसपी भी समस्तीपुर जंक्शन पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से व्यवस्था संबंधी बातें भी की। ट्रेन के आगमन के बाद दोनों अधिकारी चले गए।

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