समस्तीपुर Town

समस्तीपुर में नल-जल योजना में पाया गया बहोत बड़ा घोटाला, जानिये

समस्तीपुर। सरकार हर गांव में पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नल-जल योजना चला रही। योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे। लेकिन, विभागीय लापरवाही और ढुलमुल रवैये के कारण योजना निर्धारित समय में लक्ष्य तक नहीं पहुंच रही। योजना में अब भी कई जगह कार्य बाकी रह गए। तय समय-सीमा के बावजूद जिले के कई प्रखंडों में कार्य आधा-अधूरा ही पूरा हुआ। कई प्रखंडों में तो कार्य भी शुरू नहीं हो सका। कहीं पीएचईडी की लापरवाही सामने आती है तो कहीं पंचायतों की।

दलसिंहसराय के 183 वार्डों में 163 में काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष वार्डों में कम चल रहा। वारिसनगर के कुल 274 वार्डों में से 248 में काम पूरा हो चुका है, 21 वार्ड में काम जारी है। वहीं, रोहुआ पूर्वी के पांच वार्ड में इस काम को पूर्ण करने की जिम्मेदारी पीएचईडी को दी गई थी। लेकिन, यहां काम अभी शुरू भी नहीं किया जा सका है। गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं होने से लोगों में आक्रोश

पटोरी में 42 योजनाएं ग्राम पंचायत द्वारा पूरी करानी थीं, इसमें से 39 योजनाएं पूरी कर ली गई हैं। शेष पीएचईडी द्वारा संपन्न कराया जा रहा है। इसमें मात्र 40 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है। कल्याणपुर में अनियमितता को लेकर हालात अलग है। यहां 425 वार्ड में काम होना था। 400 में नल-जल पूरा हो चुका है। 25 वार्ड में कार्य चल रहा है।

काम की गुणवत्ता को लेकर जनता में आक्रोश

कई वार्डों में मानक के अनुरूप कार्य नहीं होने पर ग्रामीणों ने शिकायत भी की है। सिघिया में 17 पंचायत में 236 वार्ड हैं, जिनमें 182 वार्ड में ग्राम पंचायत द्वारा कार्य पूरा कराना था। इनमें 163 योजनाएं पूरी कर ली गई हैं। 19 वार्ड में काम नहीं हुआ है, बाकी 54 वार्ड पीएचईडी को दिया गया था, जिसके द्वारा काम अभी शुरू नहीं किया जा सका है। यहां भी कई वार्ड में गुणवत्तापूर्ण काम नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है। कई जगह काम आधा-अधूरा :

रोसड़ा प्रखंड के 215 वार्डों में से अब तक 130 में नल-जल योजना का कार्य पूरा हो चुका है। करीब 70 वार्डों में कार्य जारी है। बाकी में काम प्रारंभ नहीं किया गया है। नगर पंचायत के 18 वार्डों में केवल तीन वार्डों में ही नल-जल योजना का कार्य पूरा हो सका है। चार वार्ड में कार्य जारी है, जबकि अन्य 11 में अब तक कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। नगर पंचायत रोसड़ा के कार्यपालक पदाधिकारी जयचंद्र अकेला बताते हैं कि तकनीकी कारणों से दो-दो बार निविदा की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी है। पुन: तीसरी बार निविदा प्रक्रिया जारी है। जल्द ही योजनाओं का कार्य पूरा किया जाएगा। लॉकडाउन के कारण भी योजना के क्रियान्वयन में विलंब हुआ है। विभूतिपुर में 20 वार्डों में कार्य शेष विभूतिपुर प्रखंड में कुल 423 वार्ड हैं। पीएचईडी के पास 39 वार्डों में काम कराने की जिम्मेदारी थी। इसमें एक वार्ड में कार्य किया जाना शेष है। ग्राम पंचायतों द्वारा 286 वार्डों में काम कराया जाना था। जिसमें 20 वार्डों में कार्य शेष है। मोहिउदीननगर में पीएचईडी से 208 मे 190 पूर्ण हुआ। शेष काम चालू है। हसनपुर-प्रखंड क्षेत्र में कुल 280 वार्डों में 25 वार्डों की अब तक कोई प्रगति रिपोर्ट नहीं आई है। जबकि, अन्य जगहों पर भी जैसे-तैसे काम चल रहा। ताजपुर प्रखंड में 205 वार्ड हैं। 181 में प्रखंड स्तर पर जल-नल का काम करना था, जिसमें 164 पूर्ण हो चुका है। 17 बाकी है।

Share This Post