बिहार

उत्तर बिहार की इंटर पास सात हजार छात्राओं की प्रोत्साहन राशि फंसी

समस्तीपुर । शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर सही डाटा अपलोड नहीं करने से वर्ष 2019 में इंटर पास उत्तर बिहार की सात हजार छात्राएं 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि से वंचित हैं। छात्राओं ने मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत ई-कल्याण वेबसाइट पर आवेदन किया ही नहीं, किया भी तो उनमें त्रुटियां हैं। हालांकि, एक बार फिर उनके लिए अवसर है। शिक्षा विभाग की ओर से 15 मई तक आखिरी समय दिया गया है। कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर जारी लॉकडाउन में सूचनाओं का सत्यापन निजी अथवा घरेलू मोबाइल, लैपटॉप आदि से करने को कहा गया है। पोर्टल पर लॉगिन करने के लिए लाभुक के पास इंटरमीडिएट की पंजीयन संख्या के साथ जन्मतिथि अथवा इंटर परीक्षा 2019 के कुल प्राप्तांक की आवश्यकता पड़ेगी। इस बाबत माध्यमिक शिक्षा निदेशक गिरिवर दयाल सिंह ने जिला शिक्षा पदाधिकारी बीरेंद्र नारायण व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (योजना-लेखा) कृष्ण मोहन ठाकुर को पत्र भेजा है। कहा गया है कि इंटर पास छात्राओं के ऑनलाइन आवेदन त्रुटिपूर्ण हैं। देनी है पुष्ट जानकारी :

छात्राओं को ई-कल्याण की वेबसाइट पर ऑनलाइन जानकारी देनी है। इसमें छात्रा का नाम, विद्यालय का नाम, बोर्ड का नाम, रोल कोड, रोल नंबर, बैंक का नाम, बैंक की खाता संख्या, आइएफएससी कोड, आधार नंबर, छात्रा या अभिभावक का मोबाइल नंबर, अविवाहित होने की सूचना दी जानी है। मुख्यमंत्री बालिका इंटरमीडिएट प्रोत्साहन योजना के तहत बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित परीक्षा में उत्तीर्ण सभी कोटि की अविवाहित छात्राओं को दस हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जानी है।

इन छात्राओं को नहीं मिला लाभ

उत्तर बिहार के अलग-अलग जिलों से 7002 छात्राएं गलत रिपोर्ट की वजह से योजना का लाभ लेने से वंचित हैं। मुजफ्फरपुर : 1765

समस्तीपुर : 1414

मधुबनी : 948

दरभंगा : 905

पूर्वी चंपारण : 830

पश्चिम चंपारण : 633

सीतामढ़ी : 442

शिवहर : 65

वर्जन

फोटो फाइल नंबर : 06 एसएएम 01

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत इंटर पास छात्राओं के आवेदन त्रुटिपूर्ण हैं। इनमें ई-कल्याण की वेबसाइट पर सुधार करने का निर्देश आया है। जिन स्कूलों और कॉलेजों की छात्राओं ने आवेदन नहीं दिए हैं, उन्हें स्कूल के माध्यम से सूचित कराया जा रहा। उसके लिए प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा, ताकि एक भी छात्रा योजना से वंचित न रहे।

बीरेंद्र नारायण

जिला शिक्षा पदाधिकारी, समस्तीपुर

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