समस्तीपुर Town

समस्तीपुर शहर में अतिक्रमण कर बनाया मकान, चला रहे नाले पर दुकान

समस्तीपुर । शहर की अधिकतर सड़कें और नाले अतिक्रमण की चपेट में हैं। मुख्य मार्ग से लेकर गली-मोहल्लों की सड़कों पर भी अतिक्रमणकारियों का कब्जा है। प्रशासन की अनदेखी से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। नाले पर दुकान और मकान देखकर इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता। अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाता है, लेकिन अफसरों के पीठ फेरते ही अतिक्रमणकारी फिर से काबिज हो जाते। नालों के अतिक्रमित होने से कभी इनकी उड़ाही भी ठीक से नहीं होती। नालों में कचड़ा जमा रहता है। होता भी है तो उसे निकालकर सड़क पर ही डाल दिया जाता।

डिवाइडर और फुटपाथ बने तो कब्जा करनेवालों को जगह मिल गई

शहर में सड़कों का चौड़ीकरण हुआ। डिवाइडर और फुटपाथ बने तो अवैध कब्जा करनेवालों के लिए जगह मिल गई। नालों पर अतिक्रमण कर दुकान बना ली गईं। प्रतिष्ठान के सामने होल्डिग व बैनर लगाकर कब्जा जमा लिया गया। फुटपाथों पर कब्जा जमाए दुकानदार बताते हैं कि दुकान के सामने जगह खाली है तो होर्डिंग- पोस्टर लगा लिया। अधिकारियों के आते ही हटा लेते हैं। पकड़े जाने पर कई दुकानदारों से जुर्माना भी वसूला गया है। इन स्थानों पर अवैध कब्जा

शहर के ओवरब्रिज से ताजपुर रोड स्थित दोनों तरफ नाले पर अतिक्रमण है। इसमें फुटपाथी और कई स्थायी दुकानदार भी शामिल हैं। दूसरी ओर काशीपुर चौक से पुराना वीमेंस कॉलेज रोड, सोनवर्षा चौक, रामबाबू चौक से स्टेशन रोड, मारवाड़ी बाजार, गोला रोड, मोहनपुर रोड समेत विभिन्न मुख्य सड़कों के आसपास अतिक्रमणकारी काबिज हैं। ताजपुर रोड व काशीपुर रोड में मुख्य नालों पर होल्डिग व पोस्टर नजर आते हैं। नालों पर अतिक्रमण के चलते कचड़ा जमा रहता है और पानी का निकास बंद हो जाता है। नगर परिषद द्वारा पोकलेन और जेसीबी से नालों की साफ-सफाई की जाती है। इसमें कर्मियों को काफी मशक्कत का सामना करना होता है। शहर के बीएड कॉलेज के समीप पर तो सालों भर जलजमाव की स्थिति रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विगत कई सालों से यही स्थिति है। विभागीय पदाधिकारियों और वार्ड सदस्य का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।

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