समस्तीपुर Town

प्रवासियों को लेकर समस्तीपुर पहुंची चार स्पेशल ट्रेन,चौकसी के बीच उतरे प्रवासी

समस्तीपुर – देश के तीन अलग-अलग राज्यों में फंसे प्रवासियों को लेकर चार विशेष ट्रेनें रविवार को समस्तीपुर पहुंचीं। इनमें से तीन ट्रेनों से जहां प्रवासी उतरे तो एक ट्रेन इंजन बदलने के बाद रवाना हो गई। बांद्रा से दरभंगा जानेवाली ट्रेन संख्या 09467 करीब 12.25 बजे समस्तीपुर स्टेशन पर पहुंची। यहां समस्तीपुर के पचास प्रवासी उतरे। सभी को बस द्वारा गंतव्य तक पहुंचाया गया। स्टेशन पर पानी की किल्लत के बीच अधिकतर लोगों ने ट्रेनों की बोगियों में भरे जाने वाले पानी का इस्तेमाल पेयजल के रूप में किया। इसके बाद लुधियाना से दरभंगा जानेवाली ट्रेन संख्या 04624 प्लेटफार्म नंबर एक पर करीब ड़ेढ़ बजे पहुंची। इंजन बदलने के बाद यह ट्रेन दरभंगा के लिए रवाना हो गई। इसके बाद जलालपुर से सुपौल जानेवाली ट्रेन संख्या 05730 नंबर की स्पेशल ट्रेन पहुंची। लॉकडाउन के कारण देश के अलग-अलग हिस्से से पैदल ही चले प्रवासियों को उत्तर प्रदेश व बिहार की सीमा पर गोपालगंज व सिवान में रोका गया था। जलालपुर स्टेशन से इन सभी को स्पेशल ट्रेन से यहां लाया गया। यहां समस्तीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर के करीब 100 प्रवासियों को उतारा गया। साथ ही सुपौल, सहरसा जानेवाले करीब 300 यात्री को इसमें बिठाया भी गया। उतरने वाले सभी यात्री को बस द्वारा गंतव्य तक भेजा गया। करीब चार बजे सूरत से मधुबनी जानेवाली स्पेशल ट्रेन संख्या 09005 भी यहां आई। इस ट्रेन से समस्तीपुर के करीब दस प्रवासी यहां उतरे। इन प्रवासियों के चेहरे पर अपने घर लौटने की खुशी साफ दिखाई दे रही थी। ऐसे प्रवासियों को उनके गृह प्रखंड तक पहुंचाने के लिए समस्तीपुर प्रशासन ने बसों की सैनिटाइज कर व्यवस्था कर रखी थी।

चौकसी के बीच उतरे प्रवासी:

पूरे स्टेशन परिसर की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई थी। आने-जाने वाले मार्ग को पूरी तरह बैरिकेड कर दिया गया था। दो ओर से प्रवासियों को बाहर निकालने की व्यवस्था की गई थी। सभी प्रवासी पहले से ही सूचीबद्ध थे। इस कारण गिनती के बाद सभी गंतव्य तक जाने के बस पर बैठे। ट्रेन से पहुंचे प्रवासी हुए खुश:

समस्तीपुर में स्पेशल ट्रेन से पहुंचे प्रवासियों ने बताया कि अब वो काफी खुश हैं। लॉकडाउन में उन्हें बहुत परेशानी हो रही थी, खाने-पीने के साथ-साथ रहने में भी काफी दिक्कतें हो रही थीं। ऐसे में सरकार ने देर से ही सही पर हमलोगों को अपने घर बुलाने में सराहनीय कार्य किया।

नमक-रोटी खाएंगे अपने घर पर ही रहेंगे:

मऊ से पैदल ही यात्रा कर गोपालगंज के पास पहुंचे यात्री रामबुझावन ने कहा, वहां पर बहुत परेशानी थी। दिन काटना भी मुश्किल था। खाने-पीने के भी लाले थे। अब यहां आकर मैं बहुत खुश हूं। मुझे चौदह दिन क्वारंटाइन में ही क्यों न रहना पड़े।

स्टेशनों पर था बसों का इंतजाम

रविवार को कई ट्रेनों के आगमन की सूचना से जंक्शन परिसर पूरी तरह चौकस था। यात्रियों को सुगमतापूर्वक उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए कई बसों का इंतजाम किया गया था। हालांकि प्रवासियों की संख्या कम थी। समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर के प्रवासियों को समस्तीपुर स्टेशन पर ही उतारा गया। सभी को उनके गंतव्य तक प्रशासन द्वारा भेजा गया।

घर पहुंचने की जल्दी में थी चेहरे पर रौनक:

प्रवासियों के चेहरे पर घर पहुंचने की जल्दी और जिदगी जीने की एक उम्मीद दिखी। इस उम्मीद को लेकर सभी के चेहरे पर रौनक स्पष्ट दिख रही थी। खिड़की पर बाहर की दुनिया को निहारते हुए कुछ भावुक भी नजर आए। वैसे अधिकांश प्रवासियों को यह पता था कि सभी को क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाएगा फिर भी वे खुश इस बात से थे कि वे अपने पंचायत नहीं तो कम से कम अपने प्रखंड में अपनों के बीच ही रहेंगे।

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