समस्तीपुर Town

कोरोना से जंग में समस्तीपुर जिले की साढ़े पांच लाख महिलाएं बनीं ढाल

समस्तीपुर : महिलाएं अब अबला नहीं, बल्कि सबला हैं। कोरोना से जंग में ढाल बनकर लोगों की हिफाजत में जुटी हैं। कर्तव्य से आगे बढ़कर समाज का नेतृत्व करने लगी हैं। वैश्विक महामारी कोरोना से दो-दो हाथ करने को तैयार जिले की साढ़े पांच लाख से अधिक महिलाओं का जज्बा और जुनून देखते बन रहा। सुबह होते ही ड्यूटी पर निकल जाती हैं। न खाने की चिता न आराम करने की फुर्सत। आंधी-बारिश अथवा तेज धूप, राह की सभी बाधाएं कर्तव्य के आगे इन्हें सहज और आसान लगतीं। परिवार व बच्चों से अधिक जिले व देश को कोरोना से संक्रमण मुक्त बनाने की चिता है।

कोरोना के खिलाफ जारी मुहिम में सक्रिय महिला योद्धाओं में 1800 पुलिसकर्मी, 2400 सेविका, 3850 आशा, 534 एएनएम, 20 सीडीपीओ, 20 चिकित्सक, 80 बैंककर्मी व 5.11 लाख जीविका दीदी सक्रिय हैं। इनके अलावा कई पंचायत प्रतिनिधि, एनजीओ से जुड़ी महिलाएं व सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मी भी शामिल हैं जो कोरोना संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक कर रही हैं। बच्चे, माता-पिता व स्वजन से दूर रहकर संजीदगी के साथ बखूबी अपनी-अपनी ड्यूटी निभा रहीं। कोरोना से बचाव को कर रहीं जागरूक

जीविका दीदी मास्क बनाने के साथ-साथ राशन कार्ड का सर्वे कर रही हैं, ताकि गरीब लाभुकों को समय से अनाज मिल सके। दारोगा व सिपाही लॉकडाउन व शारीरिक दूरी का पालन कराने में जुटी हैं। वे जरूरतमंदों के बीच खाद्य व अन्य सामग्री का भी वितरण कर रहीं। सेविका, आशा व एएनएम स्वास्थ्य सर्वे कर रही हैं। कई एएनएम स्कूल स्थित आइसोलेशन सेंटर में मरीजों की सेवा में जुटी हैं। शहर के चौक-चौराहों पर महिला पुलिसकर्मियों को सुरक्षा में तैनात किया गया है।

दो एएनएम बच्चों का कर रहीं टीकाकरण

सदर अस्पताल में कार्यरत दो नर्स ऊषा कुमारी व वीणा कुमारी ईमानदारी व ड्यूटी के प्रति समर्पण भाव के कारण न केवल जिले में अपनी अगल पहचान बनाई हैं, बल्कि अन्य महिला स्वास्थ्य र्किमयों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी बन चुकी हैं। दोनों अस्पताल में कोल्ड चेन स्टोर में ड्यूटी पर हैं। नौनिहालों व मासूम बच्चों के टीकाकरण में लगी हैं।

मासूम पुत्र को घर पर छोड़ कर रहीं ड्यूटी

अपने पुत्र को घर पर ही छोड़कर ड्यूटी कर रही महिला थानाध्यक्ष नीलिमा कुमारी ईमानदारी, निस्वार्थ व निष्ठा के साथ काम कर रही हैं। जहां भी उनकी ड्यूटी लगती है, जिम्मेदारी निभाती हैं। लोगों को लॉकडाउन व फिजिकल डिस्टेंसिग के प्रति जागरूक करती हैं। बताती हैं कि महिला पुलिस किसी से कम नहीं हैं। दारोगा निशा भारती ने भी बताया कि उन्हें जो भी ड्यूटी मिलती है, ईमानदारी से करती हैं। पुष्पलता ने बताया कि इस महामारी में अपनी ड्यूटी से खुश हैं। संक्रमण पर नियंत्रण के लिए ड्यूटी कर रही हैं। नगर थाने की आरती कुमारी की ड्यूटी इन दिनों प्रधान डाकघर परिसर में है। वह कहती हैं परिवार की बहुत याद आती है, लेकिन अभी ड्यूटी अधिक जरूरी है। उन्हें स्वजन से अधिक चिता जिले के संक्रमणमुक्त होने की है।

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