समस्तीपुर Town

संक्रमण फैलने के डर से आशंकित लोग पुलिस से उलझे

समस्तीपुर । कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर भ्रम खत्म नहीं हो रहा। शनिवार को मुफस्सिल थाने के जितवारपुर मोक्षधाम में टीम पर हमला इसी का परिणाम है। कोरोना पॉजिटिव मृत प्रवासी के शव का दाह संस्कार करने पहुंची पुलिस-प्रशासन व मेडिकल टीम पर भीड़ ने पथराव कर दिया। दो दारोगा, एक जमादार, एक महिला सिपाही समेत आधा दर्जन पुलिस कर्मी चोटिल हो गए। क्यूआरटी का जवान रंजन कुमार गंभीर रूप से घायल हैं। स्थानीय लोग उक्त स्थल पर शव जलाने का विरोध कर रहे थे। पुलिस प्रशासन व मेडिकल टीम को देखते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने की सहयोग की अपील

लोगों का कहना था कि शव जलाने से संक्रमण फैलने की आशंका है। वहां, मौजूद पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारियों ने लोगों को समझाने का भी प्रयास किया। सदर अनुमंडल पदाधिकारी अशोक मंडल व अंचलाधिकारी धर्मेंद्र पंडित ने लोगों को समझाया कि पुलिस व प्रशासन आपकी हिफाजत के लिए है। उनका विरोध नहीं सहयोग करें। पर, लोग नहीं माने। शरारती तत्वों ने टीम पर ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। विरोध इस कदर बढ़ा कि दो पक्ष आमने-सामने हो गए। पहले पुलिस को भागना पड़ा। बाद में सामना करते हुए पुलिस ने भी हल्का बल प्रयोग किया। लोग इधर-इधर भागने लगे और घरों में जाकर छुप गए। इसके उपरांत सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी के समक्ष शव का दाह संस्कार किया गया। इस दौरान वीडियोग्राफी कराई गई। पथराव में घायल दोरागा सैफुल्लाह अंसारी, रविरंजन प्रताप सिंह, जमादार कुमार प्रमोद, सिपाही इंदल कुमार, महिला सिपाही श्यामरति कुमारी व क्यूआरटी जवान रंजन कुमार का उपचार कराया गया है। थानाध्यक्ष विक्रम आचार्य ने बताया कि टीम पर पथराव करनेवालों को चिह्नित किया जा रहा। सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटनास्थल से दो उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। बंगाल का रहनेवाला था मृत प्रवासी

दिल्ली से पश्चिम बंगाल जा रहे एक प्रवासी की मौत के बाद शनिवार को उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव बताई गई। इससे स्वास्थ्य महकमे में बेचैनी बढ़ी है। उसकी मौत 26 मई को ही सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में इलाज के दौरान हुई थी। वह श्रमिक स्पेशल ट्रेन से दिल्ली से कोलकाता जा रहा था। रास्ते में उसकी तबीयत खराब होने लगी। इसी बीच ट्रेन समस्तीपुर जंक्शन पर पहुंची। उसे इलाज के लिए उतार लिया गया। स्टेशन पर मौजूद मेडिकल टीम उसे सदर अस्पताल ले गई। वहां ऑन ड्यूटी चिकित्सक ने इलाज शुरू किया। उसे दम फूलने की शिकायत थी। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक का शव पोस्टमार्टम कक्ष में रखा गया। इसके अगले दिन 27 मई की सुबह कोरोना जांच के लिए सैंपल लेकर पटना, एम्स भेजा गया। वहां से 29 मई को रिपोर्ट जारी हुई।

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