कल्याणपुर

कल्याणपुर प्रखंड क्षेत्र में बागमती का जलस्तर बढ़ने के साथ कटाव शुरू, चिता में डूबे लोग

समस्तीपुर । कल्याणपुर प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली बागमती नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे वृद्धि होने लगी है। कटाव भी होने लगा है। इससे बागमती किनारे बसे लोगों की चिता बढ़ गई है। कल्याणपुर प्रखंड के अंतिम छोड़ कनौजर पंचायत का त्रिमुहान गंगोरा तक है। यहां मुजफ्फरपुर, दरभंगा जिले की सीमा समस्तीपुर से मिलती है। प्रखंड क्षेत्र की 11 पंचायत बागमती के भूगर्भ में है। जिसमें कनौजर, नामापुर सोरमार पंचायत का बघला, तीरा, खरसंड पश्चिमी, पूर्वी, बरहेत्ता, कमरगामा आदि प्रमुख गांव हैं। लगभग 50 हजार से ऊपर की आबादी बागमती के पेट में बसती है। पूर्व में बागमती के कटाव से गंगोरा रमजाननगर में 133 परिवार बेघर होकर विस्थापित हो गए। ग्रामीणों की लगभग 30 एकड़ जमीन कटकर बागमती के पेट में चली गई है। विस्थापित परिवारों की अभी तक किसी ने सुध तक नहीं ली। त्रिमुहान प्रखंड मुख्यालय से 24 किलोमीटर दूर स्थित है। इसी के सीमावर्ती क्षेत्र में मुजफ्फरपुर जिले का बंदरा प्रखंड भी है। समस्तीपुर और दरभंगा दोनों ही क्षेत्र के लोग कई बार त्रिमुहान घाट पर पुल का निर्माण कराने की मांग की। जिससे लोगों की आवाजाही में सुविधा हो। स्थानीय विधायक सह योजना एवं विकास मंत्री महेश्वर हजारी से भी नामापुर के लोगों ने पुल बनवाने की मांग की। दोनों जगहों पर बागमती में पुल बन जाने से लोगों को सुविधा मिलती। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश भी है। बागमती में जगह-जगह कटाव अवरोधक का कार्य संवेदकों द्वारा किया जा रहा है। ऐसे अवरोधक कार्य से यहां की जनता खुश नहीं है। उनका कहना है कि कटाव का निदान स्थायी हो। कटाव को लेकर विभागीय सहायक अभियंता मोहम्मद शाहिद ने बताया कि 31 लाख की लागत से गंगौरा गांव में कटाव रोधी कार्य कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कार्य से बागमती के जलस्तर में वृद्धि होने पर कटाव रोकना संभव नहीं होगा। स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए स्थायी कटाव अवरोधक कार्य करवाने तथा पुल बनवाने की मांग की है।

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