पटोरी

विकास का पहिया घूमा, कुछ आगे तो कुछ पीछे

समस्तीपुर। मोहिउद्दीननगर की जनता ने अपनी आकांक्षाओं और अभिलाषाओं को ईवीएम में डालकर प्रतिनिधि को सदन के अंदर तक पहुंचाया। अभिलाषा और जन आकांक्षाओं पर प्रतिनिधि कितने खड़े उतरे, इसका आकलन अब लोगों ने शुरू कर दिया है। संबंधित विधायक ने मतदान से पूर्व कई वायदे किए थे। इनमें से कई तो पूरे हो गए कितु कई ऐसी महत्वपूर्ण समस्याएं आज भी मुंह बाए खड़ी है। इसका कारण क्या है और इन वायदों को पूरा करने में कहां बाधाएं उत्पन्न हुई, इस संबंध में प्रतिनिधि की राय भी जानी गई। इस विधानसभा क्षेत्र की विधायक हैं डॉ. एज्या यादव। राजद से ताल्लुक रखने वाली और अपने जुझारू तेवर के लिए प्रसिद्ध रही डॉ. एज्या ने आम लोगों की समस्याओं के प्रति कितना जुझारूपन दिखाया, इसे लोग तौलने लगे हैं। क्षेत्र ने क्या खोया और क्या पाया, इसका गणित भी अब शुरू हो चुका है। जनता अब उनसे पूछ रही है। विधायक ने सदन में भी अपने क्षेत्र की समस्याओं के लिए आवाज उठाईं। इनमें से कई समस्याओं के समाधान हो गए, कितु अधिकांश समस्याएं आज भी पूर्ववत हैं। विधायक के अनुसार कई योजनाएं राजनीतिक विद्वेष और दलगत भेदभाव की बलि चढ़ चुकी है। विधायक एज्या यादव ने बताया कि विधानसभा के सत्र में लगभग 300 से अधिक प्रश्न उठाए गए। इनमें से लगभग 100 प्रश्न क्षेत्र की प्रमुख सड़कों तथा पुल से संबंधित थे। पेयजल से संबंधित लगभग तीन दर्जन प्रश्न उठाए गए। स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत के अतिरिक्त विकासात्मक मांगों की पूर्ति के सवाल भी विधायक के द्वारा शामिल किया गया। कुछ कार्यों में प्रगति हुई। कई कार्य इनके द्वारा उठाए गए प्रश्नों की प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभ कराए गए, जबकि कुछ कार्य बिना कारण ही लंबित है। कहती हैं विधायक

इस संबंध में विधायक डॉ. एज्या यादव बताती हैं कि उठाए गए प्रश्न के आधार पर पूरे क्षेत्र में लगभग आधे दर्जन पुल के निर्माण हुए या पुल के निर्माण की प्रक्रिया चाल रही है। इसके साथ शिउरा सहित कई जगहों पर पुल के निर्माण कार्य को तीव्रता मिली। सदन में प्रश्न उठाए जाने के कारण ही महनार-मोहिउद्दीनगर पथ, जो बाढ़ में पूर्णत: क्षतिग्रस्त हो गया था, उसकी मरम्मति का कार्य पूरा हुआ। सदन में इस सड़क के एनएच में परिवर्तित कर फोरलेन सड़क बनाने की मांग भी की गई, कितु इसमें केंद्र की राशि का अधिकांश भाग लगता है, अत: इसकी स्वीकृति अब तक नहीं मिल सकी। विधायक ने पटोरी धमौन रोड के जीर्णोद्धारर की बात भी सदन में उठाई और इसके निर्माण की स्वीकृति मिली और निर्माण कार्य प्रारंभ कराया गया। विधायक बताती हैं कि हरदासपुर दियारा क्षेत्र में जाने के लिए पीपा पुल के निर्माण से संबंधित प्रश्न सदन में उठाए गए। उन्होंने यह भी बताया कि गंगा के तटीय इलाकों में आर्सेनिक मुक्त पेयजल उपलब्ध कराना इनके प्रमुख प्रश्नों में भी शुमार था।

धमौन में नहर उड़ाही से लोगों को मिलेगी राहत

धमौन चौर के बड़े भूभाग की सिचाई और जलसंग्रह के लिए इसमें बने नहर की उड़ा ही अति आवश्यक है। वर्तमान विधायक से ऐसी उम्मीद थी कि वे इस ओर पहल करेंगे कितु इस कार्यकाल में पूरा नहीं हो सका। – मनोज कुमार सिंह, डुमरी शिउरा मेला को नहीं मिल सका राष्ट्रीय मेले का दर्जा फोटो : 16 एसएएम 46

क्षेत्र के सुप्रसिद्ध एवं निषादों की राष्ट्रीय तीर्थ स्थली पर लगने वाले शिउरा मेला को राष्ट्रीय मेला का दर्जा दिए जाने की मांग लोग वर्षों से कर रहे हैं, कितु अभी तक इस संबंध में कोई पहल नहीं की गई और इसे आज तक राष्ट्रीय मेला का दर्जा नहीं मिल सका। जबकि विधायक से ऐसी उम्मीद थी कि इस ओर सकारात्मक पहल होगी और यह मांग पूरी हो सकेगी। – अरुण राय, हेत्तनपुर नीलगाय व जंगली सूअर से परेशान हैं किसान फोटो : 16 एसएएम 47 अधिकांश किसान अब नीलगाय और बनैला सूअर के कारण खरीफ फसल की बोआई से परहेज करते हैं। यह क्षेत्र की बड़ी समस्या है। कई बार विधायकों के द्वारा आश्वासन दिया गया कितु इस पर नियंत्रण के लिए कोई अच्छी पहल नहीं की जा सकी। जिससे प्रत्येक वर्ष किसानों को काफी अधिक क्षति उठानी पड़ती है। -श्यामवीर राय, धमौन क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल सका शुद्ध पेयजल फोटो : 16 एसएएम 43

पटोरी, मोहिउद्दीनगर तथा मोहनपुर प्रखंड के अधिकांश हिस्से गंगा के किनारे अवस्थित हैं। यहां आर्सेनिक युक्त पेय जल पीने को लोग विवश हैं। यहां पर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का वायदा आज भी खोखला साबित रहा है।

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