रोसड़ा

रोसड़ा अनुमंडल में अब तक आठ कोरोना पॉजिटिव

समस्तीपुर । रोसड़ा में एक और कोरोना पॉजिटिव मिलने से संबंधित इलाकों में लोग डरे-सहमे हैं। कोलकाता से एक साथ परिवार के नौ लोग रोसड़ा पहुंचे थे। इनमें एक महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव तथा अन्य की निगेटिव पाई गई है। इनके साथ ही अनुमंडल में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। पूर्व में भी कोलकाता से आए छह लोगों को पॉजिटिव पाया गया था। इसमें रोसड़ा के ढट्ठा व करियन तथा हसनपुर के बलसपुर के लोग शामिल थे। बिथान का एक युवक भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। हालांकि, अब तक सभी सौगात के रूप में ही अन्य प्रदेशों से अपने साथ लाए हैं। 13 मई को पिकअप पर सवार होकर पहुंचे इन लोगों को रोसड़ा-बेगूसराय की सीमा पर ही तैनात दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी ने रोककर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया था। चेन की तलाश निरंतर जारी

जहां जांच के बाद क्वारंटाइन सेंटर पर भेज दिया गया था। दूसरे दिन 14 मई को सभी का सैंपल कलेक्ट कर कोविड-19 जांच के लिए भेजा गया था। इसमें से अन्य की रिपोर्ट नेगेटिव मिलने पर शनिवार के दिन में ही आइसोलेशन सेंटर से मुक्त कर दिया गया था। जबकि, देर रात आई 65 वर्षीया महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। रिपोर्ट मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा उक्त महिला को रातोंरात रोसड़ा से ले जाकर समस्तीपुर स्थित कोविड सेंटर में भर्ती कर दिया गया है। वहीं, क्वारंटाइन सेंटर पर महिला के पति को पहुंचने और उसका कपड़ा ले जाने की सूचना पर प्रशासन ने उसके पति एवं अन्य को भी आइसोलेशन सेंटर में भर्ती कर दिया है। चेन की तलाश निरंतर जारी है। जानकारी के अनुसार, खैरा उदयपुर की रहने वाली बुजुर्ग महिला परिवार के अन्य सदस्यों के साथ लॉकडाउन से पूर्व एक शादी समारोह में भाग लेने कोलकाता के बेग बगान गई थी। गांव की सड़कों पर पसरा सन्नाटा

रोसड़ा, संस : रोसड़ा में एक और कोरोना संक्रमित मिलने के बाद से मरीज के गांव एवं आसपास के इलाकों में सन्नाटा दिख रहा है। चौक-चौराहों पर की दुकानें भी आज पूरे दिन बंद रही। रोसड़ा थाना के खैरा एवं उससे सटे अन्य गांव में रविवार की सुबह से ही लोगों में कोरोना का भय समाया हुआ था। महिला के पॉजिटिव होने की सूचना मिलते ही सभी भयभीत थे। ग्रामीण अपने स्तर से भी संक्रमित से कनेक्शन को तलाशने लगे हैं। खैरा एवं आसपास के गांव के कई ग्रामीणों ने क्षेत्र के लोगों से पॉजिटिव महिला को कांटेक्ट में आने का दावा करते हुए परिवार के सभी सदस्यों का जांच कराने की मांग कर रहे थे। गांव में सन्नाटा का यह आलम था कि चौराहों की सभी दुकानें बंद थीं। गांव की ओर जाने वाली सड़क भी सूना पड़ा था। लोग उनके घर तक जाने में भी परहेज कर रहे थे। लेकिन, समाज से जुड़े कई लोग फोन पर ही संपर्क कर कांटेक्ट में आने की स्थिति में निश्चित रूप से जांच कराने की सलाह दे रहे थे। पूरे दिन इलाका में कोरोना की ही चर्चा जारी रही।

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