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समस्तीपुर के सरकारी अस्पताल में डाटा ऑपरेटरों ने किया कार्य बहिष्कार, घंटों लाइन में लगे मरीज

समस्तीपुर। सदर अस्पताल से लेकर पीएचसी तक में पदस्थापित डाटा ऑपरेटरों को बिना किसी शर्त दूसरी एजेंसी में समायोजित करने की मांग को लेकर मंगलवार को कार्य बहिष्कार किया गया। स्वास्थ्य संस्थानों में सभी तरह के ऑनलाइन कार्य बाधित रहे। ऐसे में ऑनलाइन पुर्जा नहीं मिलने से ओपीडी में मरीजों को घंटों लाइन में लगना पड़ा। डाटा ऑपरेटर संघ के नेतृत्व में ओपीडी के समीप स्वास्थ्य प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई। इसमें नव चयनित एजेंसी उर्मिला इंटरनेशनल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में बिना शर्त समायोजन की मांग की गई, अन्यथा आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई। इसके बाद 17 जून से शारीरिक दूरी का पालन करते हुए प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। डाटा ऑपरेटर चंदन कुमार ने कहा कि वे लोग पिछले छह साल से लगातार काम कर रहे हैं। कोरोना महामारी के समय में लगातार बिना अवकाश लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ लगे हुए हैं। दिन-रात जान जोखिम में डालकर काम कर रहे। इधर, एक साजिश के तहत उनलोगों को परीक्षा देने की बात कही जा रही। इधर, अचानक राज्य मुख्यालय से एक दूसरी आउटसोर्सिग एजेंसी को काम दिया जा रहा। नई एजेंसी परीक्षा लेने की बात कह रही। इसका सभी विरोध कर रहे। उनका कहना है कि उनके पास अनुभव है। पिछले पांच साल से ज्यादा दिनों से काम कर रहे। इसलिए, एजेंसी नवीकरण कर उनको अवसर दे। इन लोगों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो यह आंदोलन और तेज होगा। इससे पहले सभी ने अपनी मांग से संबंधित ज्ञापन से स्वास्थ्य विभाग को भी अवगत कराया है। मौके पर रुपम कुमारी, करिश्मा कुमारी, विनोद कुमार, गौतम कुमार, आदित्य श्रीवास्तव, प्रदुमन कुमार आदि उपस्थित रहे। वर्जन:

मांगों को लेकर डाटा ऑपरेटर ने कार्य बहिष्कार पर हैं। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था के आधार पर कार्य लिया जा रहा है। ओपीडी में ऑनलाइन पुर्जा के बदले हाथ से ही पुर्जा बनाया गया।

डॉ. रति रमण झा

सिविल सर्जन, समस्तीपुर

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