दलसिंहसराय

दलसिंहसराय अनुमंडलीय अस्पताल के छह सफाई कर्मियों सहित 11 का होगा कोरोना टेस्ट

समस्तीपुर : दलसिंहसराय अनुमंडलीय अस्पताल परिसर स्थित एएनएम छात्रावास आइसोलेशन सेंटर की सफाई करने वाले छह सफाई कर्मी सहित 11 अस्पताल कर्मियों का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। अस्पताल प्रबंधक पुर्णेदु कुमार के अनुसार सेंटर में कोरोना मरीज मिलने के बाद सफाई करने वाले छह कर्मी, एक रसोइया और चार लैब टेक्नीशियन को क्वारंटाइन करते हुए उनकी कोरोना की जांच कराई जाएगी। साथ ही अस्पताल परिसर में सुरक्षा को बढ़ाते हुए आवश्यक जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। ताकि, सेंटर में रह रहे लोगों को किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने बताया कि सेंटर में कोरोना जांच के बाद जिन्हें घर भेजा गया है, उनकी जांच फिलहाल नही कराई जाएगी। उन सभी को होम क्वारंटाइन में रहने का निर्देश दिया गया है।

तीन सौ बेड का बनाया गया क्वारंटाइन सेंटर

स्थानीय आरबी कॉलेज में प्रवासी लोगों के लिए तीन सौ बेड का क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। सेंटर पर प्रत्येक दस व्यक्ति पर एक शौचालय चिह्नित किया गया है। जिसके लिए 33 अस्थायी शौचालय का निर्माण पीएचईडी के माध्यम से कराया गया हैं। सेंटर पर शिफ्ट के आधार पर दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। एसडीओ विष्णुदेव मंडल ने बताया कि क्वारंटाइन सेंटर की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीसीटीवी के साथ बीडीओ बिरेंद्र कुमार सिंह, सीओ अमरनाथ चौधरी और थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार मिश्र को लगातार निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। वही सेंटर पर स्वास्थ्य टीम की भी प्रतिनियुक्ति की गई है, जो प्रवासी लोगों की स्वास्थ्य जांच करेगी।

सुरक्षा कर्मियों ने सरकार से सुरक्षा की लगाई गुहार

अनुमंडल अस्पताल में मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने बिहार सरकार से कोरोना महामारी को देखते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद 10 की संख्या में सुरक्षा कर्मी इस कोरोना महामारी में अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सुरक्षा में रात- दिन लगे रहते है। सोमवार को अस्पताल परिसर में बने एएनएम कॉलेज छात्रावास के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती एक युवक के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से सभी गार्ड सहमे हुए हैं। ड्यूटी कर रहे जगदीश प्रसाद, उमेश पंडित, रामबली सिंह, प्रभु नारायण पासवान, विनोद कुमार चौधरी, शीतल राय, राजीव कुमार, शुशील कुमार, परमानंद महतो ने बताया कि सरकार द्वारा कोरोना महामारी से लड़ रहे स्वास्थ्य कर्मियों का 50 लाख का बीमा कराया गया, परंतु अस्पताल के गेट पर रात-दिन ड्यूटी करने वालों की कोई चिता नहीं है। सरकार को हम सभी की भी चिता करनी चाहिए। दो महीने से वेतन तक नहीं दिया गया है। इस कोरोना काल में सरकार हमलोगों को भी सुरक्षा मुहैया कराए। 50 लाख का बीमा और कोरोना से बचने की सामग्री दे। अगर सरकार हमलोगों की मांगें नहीं मानेंगी तो हमसब भी कोरोना काल तक अपना काम बंद कर देंगे ।

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