बिहार

बिहार में कोरोना संकट से निपटने के लिए 3 सदस्यों की टीम 19 जुलाई को पहुंचेगी बिहार

भारत में शानिवार को कोरोना के मामले 10,38,716 पर पहुंच गए है, लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में असल में कोरोना के केवल 3,58,692 एक्टिव केस है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि इस बीच केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों की मदद के लिए विशेषज्ञों की केंद्रीय टीम को भेज रही है जहां कोरोना के मामलों में वृद्धि हो रही है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि 18 जुलाई को कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या 6,53,750 हो गई है। ठीक होने वाले और सक्रिय मामलों के बीच अंतर बढ़ता जा रहा है। शनिवार को यह अंतर 2,95,058 पर पहुंच गया है। सभी 3,58,692 सक्रिय मामलों में चिकित्सा ध्यान दिया जा रहा है या तो ये होम क्वारंटाइन है और गंभीर मामलों वाले मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि पिछे 24 घंटे में कोरोना के लगभग 17,994 मरीज ठीक हुए है और अब कोविड -19 के रोगियों की ठीक होने की दर 63 प्रतिशत है।

हेल्थ मिनिस्ट्री ने जानकारी दी है कि कोविड प्रबंधन के लिए केन्द्र सरकार बिहार की सहायता के लिए एक केन्द्रीय टीम भेज रही है। इस टीम में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल, निदेशक,  नेशनल सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल (एनसीडीसी) के निदेशक डॉ एसके सिंह और एम्स (दिल्ली) के मेडिसन विभाग के (प्रो) डॉ नीरज निश्चल की टीम 19 जुलाई को बिहार पहुंचेगी।

अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय टीम का फोकस कंटेटमेंट जोन की रणनीति, घर-घर सर्वेक्षण, परिधि नियंत्रण गतिविधियों, समय पर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, कंटेटमेंट जोन और बफर जोन का सर्वेलांस, क्लीनिकल मैनेजमेंट और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे पर ध्यान देगी। 

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की लेटेस्ट टेस्टिंग स्ट्रेटजी में सभी पंजीकृत चिकित्सा चिकित्सकों को परीक्षण करने की सिफारिश की अनुमति देती है। पिछले 24 घंटों में, लगभग 3,61,024 नमूनों का परीक्षण किया गया है। 

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