बिहार

उत्तर बिहार में रहने वालों के लिये खुसखबरी,महात्मा गांधी सेतु पर इस महीने शुरू होगा आवागमन

पटना : बिहार में कोसी नदी पर सातवां पुल और उदाकिशनगंज से बिहपुर तक करीब 30 किमी की लंबाई में पेव्ड सोल्डर के साथ दो लेन सड़क बनाने का रास्ता साफ हो गया है. एनएच-106 पर फुलौत में बनने वाले फोर लेन पुल से बिहपुर से वीरपुर जाने के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी. साथ ही नेपाल, उत्तर और दक्षिण बिहार सहित झारखंड के बीच सड़कों का संपर्क बढ़ेगा. इसे करीब 1478 करोड़ रुपये की लागत से बनाने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है. इसका टेंडर इसी सप्ताह जारी होने की संभावना है. यह परियोजना पीएम पैकेज का हिस्सा है.

सूत्रों का कहना है कि राज्य में कोसी नदी पर इससे पहले छह पुल थे. इसमें कोसी महासेतु, भेजा-बकौर, गंडौल, बीपी मंडल सेतु, नवगछिया में विजयघाट पुल और कुरसेला का पुल शामिल है. अब नेशनल हाइवे 106 पर मधेपुरा के फुलौत में 6.930 किलोमीटर लंबे पुल और उदाकिशनगंज से बिहपुर तक करीब 30 किमी सड़क बनाने में एजेंसी का चयन होने से करीब 36 महीने का समय लगेगा. इस पूरी परियोजना में सात छोटे-छोटे पुलों की मरम्मत होगी.

महात्मा गांधी सेतु पर इस महीने शुरू होगा आवागमन

महात्मा गांधी सेतु के सभी पाये सुरक्षित हैं. यह रिपोर्ट पुल के सर्वेक्षण के समय भी आयी थी. उसमें बताया गया था कि पायों में कोई कमी नहीं है. केवल सुपरस्ट्रक्चर को तोड़ने और उसके मरम्मत की जरूरत है. उस रिपोर्ट के आधार पर ही इस पुल की मरम्मत की गयी थी. अब इस पुल का पश्चिमी लेन लगभग बनकर तैयार है. अलकतरा बिछाने का काम बाकी है. यह पूरा होते ही इस महीने के अंत तक इस पुल पर गाड़ियों का आवागमन शुरू हो जायेगा. पथ निर्माण विभाग के मंत्री नंद किशोर यादव ने रविवार को कहा कि महात्मा गांधी सेतु के सभी पाये सुरक्षित और पूर्ण रूप से बेहतर हालत में हैं. गंगा में मिट्टी का कटाव होता रहता है. उससे पायों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि पुल पर 15 जून से आवागमन शुरू करने की योजना थी, लेकिन बारिश की वजह से काम में विलंब हुआ है. इस महीने के अंत तक आवागमन शुरू हो जायेगा

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