रोसड़ा

लॉकडाउन के अनुपालन को प्रशासन ने रोसड़ा में बरती सख्ती

समस्तीपुर। बढ़ते कोरोना संकमण के मद्देनजर घोषित लॉकडाउन के पहले दिन प्रशासन ने इसके अनुपालन के लिए सख्ती बरती। गुरुवार की सुबह ही एसडीओ अमन कुमार सुमन ,डीएसपी सहरियार अख्तर एवं इंस्पेक्टर अमित कुमार दल बल के साथ शहर की सड़कों पर उतर गए। सभी मुख्य सड़कों पर मार्च करते हुए लोगों को हर हाल में लॉकडाउन का अनुपालन करने की हिदायत दी। इस बीच कई खुली दुकानों को भी पदाधिकारियों ने बंद कराया। साथ ही बगैर मास्क के आवश्यक वस्तुओं की दुकानों पर बैठे दुकानदार एवं खरीदारों से जुर्माना भी वसूला गया। वही बगैर मास्क के मटरगश्ती कर रहे किशोर व युवाओं को पुलिस ने उठक बैठक भी कराया। सुबह 8 बजे ही शहर के सिनेमा चौक पहुंचे पदाधिकारियों की टोली महावीर चौक, रजिस्ट्री ऑफिस रोड, गांधी चौक, मेन बाजार, सब्जी मंडी, पुरानी चौक, बड़ी दुर्गा स्थान आदि का पैदल भ्रमण कर दुकानदारों एवं आम लोगों को नसीहत देते देखे गए। प्रशासनिक सख्ती के बीच लॉकडाउन के प्रथम दिन आवश्यक वस्तुओं की दुकान छोड़ सभी प्रतिष्ठान पूर्णरूपेण बंद रहे। सरकारी कार्यालय खुले अवश्य थे लेकिन लोगों की आवाजाही नहीं के बराबर रही। जबकि बैंकों में अन्य दिनों की तरह ही आना जाना लगा रहा। वहीं दूसरी ओर सड़क पर यात्री बसों को छोड़ वाहनों की आवाजाही लगातार जारी रही। बस पड़ाव में वीरानगी, टेंपो चालकों की कटी चांदी

रोसड़ा,संस: लॉकडाउन के दौरान यात्री बस के परिचालन पर प्रतिबंध रहने के कारण रोसड़ा बस पड़ाव में गुरुवार को वीरानी छाई रही। दर्जनों बस के सिवा एक भी यात्री नजर नहीं आ रहे थे। बस कर्मियों की माने तो सुबह-सुबह ग्रामीण क्षेत्र के कुछ यात्री पटना और समस्तीपुर जाने के लिए पहुंचे अवश्य थे लेकिन लॉकडाउन में बस नहीं खुलने की सूचना पर वापस लौट गए। दूसरी ओर आसपास के स्थानों के लिए भी मिनी बस नहीं खुलने से टेंपो चालकों की चांदी कटने लगी। लोगों की मानें तो कई चालक मनमानी भाड़ा वसूल रहे थे। अनुमंडल के विभिन्न प्रखंड क्षेत्रों या बेगूसराय के सीमावर्ती गांव तक जाने के लिए अन्य दिनों की अपेक्षा अत्यधिक किराया लेने की बात सामने आई। दिल्ली से रोसड़ा बस से आए अपने घर बेगूसराय के खोदाबंदपुर की ओर पैदल जा रहे कई यात्रियों ने टेंपो चालक द्वारा अत्यधिक भाड़ा मांगने की बात कही

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