बिहार

बिहार में 8.20 करोड़ की COVID-19 की स्क्रीनिंग, प्रवासियों से अधिक पीड़ित हैं स्थानीय

बिहार में कोविड-19 से लड़ने के लिए घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है. पल्स पोलियो के तर्ज पर पूरे बिहार में यह स्क्रीनिंग की जा रही है. अब तक 8 करोड़ 20 लाख चौबीस हजार लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है. प्रदेश में राज्य से बाहर नहीं गए 3299 लोग सर्दी और खांसी से पीड़ित हैं. वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम अब तक स्क्रीनिंग के लिए डेढ़ करोड़ घरों में गई है. इनमें से 3744 लोगों में सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण हैं. इन सभी लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं.

क्या कहते हैं स्क्रीनिंग के आंकड़े
स्क्रीनिंग के आकड़े बताते हैं कि राज्य में सबसे ज्यादा सर्दी और खांसी के वही शिकार हैं, जो राज्य से बाहर नहीं गए हैं. प्रदेश में राज्य से बाहर नहीं गए 3299 लोग सर्दी और खांसी के शिकार हैं. वहीं देश के बाहर से आने वालों में कोरोना के लक्षण वाले 38 लोग हैं. वहीं कोरोना के लक्षण वाले 412 ऐसे लोग हैं, जो दूसरे राज्यों से लौटे हैं.

प्लान ऑफ एक्शन
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समीक्षा बैठक में स्क्रीनिंग को लेकर निर्देश पारित किया था. बिहार के स्वास्थ मंत्री मंगल पांडे ने कहा था कि, कोरोना को हर मोर्चे पर रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार है. स्वास्थ्य विभाग ने प्लान ऑफ एक्शन के तहत पहले उन जगहों से स्क्रीनिंग शुरु कि जहां ज्यादा संख्या में प्रवासी लोग आए हैं. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव का कहना है कि, ‘हमारे स्वास्थ्यकर्मी लगातार 38 जिलो में डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग में लगे हैं. हम बिहार के वासियों को लगातार मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखने कह रहे हैं. साथ ही हमारे स्वास्थ्यकर्मी जब स्क्रनिंग के लिए जनता के पास जाएं तो उनसे अच्छे से पेश आएं.

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